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हर कीमत पर लेकर रहेंगे मालिकाना हक

Comments Off on हर कीमत पर लेकर रहेंगे मालिकाना हक   |  December 31, 2013

ग्रेटर नोएडा। मालिकाना हक दिलाने को लेकर एनसीआर के किसानों का आंदोलन अब तेज होता जा रहा है। अभियान को लेकर रविवार को ग्रेटर नोएडा के घरबरा गांव में आयोजित महापंचायत में किसानों ने हर कीमत पर मालिकाना हक लेने की बात कही है। साथ ही 26 जनवरी तक मांगें पूरी न होने पर नोएडा प्राधिकरण के दफ्तर पर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।
आंदोलन के संयोजक रघुराज सिंह ने कहा है कि, 26 जनवरी तक जिले के किसानों को मालिकाना हक पर काम करना शुरू नहीं किया गया तो सेक्टर-6 स्थित नोएडा प्राधिकरण का कामकाज रोकते हुए धरना, प्रदर्शन शुरू कर देंगे। उन्होंने कहा कि अधिग्रहित गांव का विकास अत्याधुनिक ढंग से किया जाना था। लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
प्राधिकरणों ने किसानों को मुआवजा दिया लेकिन उनकी पहचान को छुपा दिया। किसानों ने मन माफिक विकास करना चाहा तो बैंकों ने उनको लोन भी नहीं दिया। उन्होंने कहा कि, नोएडा में सवा लाख हेक्टेयर भूमि का अनधिकृत ढंग से अधिग्रहण किया गया है। इस मामले में एक जनहित याचिका दिल्ली हाईकोर्ट में डाली गई है जिसके कारण कई अधिकारियों के होश उडे़ हुए हैं।
इस मौके पर अजीत दौला, सुखवीर प्रधान, सतीश नंबरदार, जतन भाटी, राजवीर सिंह, हरि प्रधान, वेगराज सिंह, मनीष चौधरी, सतवीर प्रमुख, धर्मी प्रधान, कपिल भाटी, गजब प्रधान, नेमवीर, आनंद वर्धन चंदेल ने पंचायत को संबोधित किया।
•26 जनवरी तक मांगें पूरी करने का दिया किसानों ने अल्टीमेटम
•मांगें पूरी न होने पर किसानों ने दी प्रदर्शन की चेतावनी

http://epaper.amarujala.com/svww_zoomart.php?Artname=20131230a_003105008&ileft=689&itop=419&zoomRatio=276&AN=20131230a_003105008



किसानों ने बिल्डरों का काम रोका

Comments Off on किसानों ने बिल्डरों का काम रोका   |  November 28, 2013

• अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। साकीपुर गांव के किसानों ने कोर्ट के निर्णय आने तक किसी भी बिल्डर का काम नहीं होने देने का ऐलान करते हुए निर्माण कार्य रोक दिया है। साकीपुर, तिलपता और गुलिस्तानपुर गांव के किसानों ने शुक्रवार को पंचायत की। किसानों ने बिल्डरों का काम बंद कराने का निर्णय लिया। इसके बाद उन्होंने छह से अधिक बिल्डरों की साइटों पर पहुंचकर निर्माण रोक दिया।
उन्होंने साइट पर काम कर रहे मजदूरों को भगा दिया। इस दौरान कुलदीप भाटी, वीर सिंह प्रधान, धीरज शर्मा, ब्रहमजीत, बबलू भाटी, मांगेराम, ओमप्रकाश, गौरव मौजूद थे। इधर, दनकौर क्षेत्र स्थित एक यूनिवर्सिटी के सामने भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं द्वारा बिल्डरों का काम रोको धरना शुक्रवार को भी जारी रहा। दोपहर बाद किसानों से बात करने के लिए एक बिल्डर के अधिकारी धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने बंद पड़ा अपना निर्माण कार्य शुरू कराने का आग्रह किसानों से किया।
बिल्डर कंपनी के अधिकारी ने किसानों की मांगों को जायज ठहराते हुए शासन और यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों को अपनी सहमति जताते हुए लिखित पत्र भी किसानों को सौंपा। इसके बाद किसानों ने बिल्डर के कार्य से रोक हटा दी। भाकियू के प्रांतीय नेता महेंद्र चौरोली ने बताया कि बिल्डरों के विरोध करने पर किसानों को 64 प्रतिशत बढ़ा मुआवजा नहीं दिया गया कि इसलिए बिल्डरों का काम बंद कराया गया है। इस दौरान नरेंद्र नागर, अनित कसाना, इंद्रजीत, पवन, बले नागर, वेद प्रकाश, प्रमोद आिद मौजूद थे।
अमर उजाला

http://epaper.amarujala.com/svww_zoomart.php?Artname=20131123a_002105003&ileft=-4&itop=426&zoomRatio=183&AN=20131123a_002105003



फ्लैटों का ड्रॉ 12-13 दिसंबर को

Comments Off on फ्लैटों का ड्रॉ 12-13 दिसंबर को   |  November 28, 2013

ग्रेटर नोएडा (ब्यूरो)। यमुना प्राधिकरण ने अप्रैल में लॉन्च की गई फ्लैटों की योजना के ड्रॉ की तारीख की घोषणा कर दी है। इस योजना में ईडब्ल्यूएस स्कीम के तहत फ्लैटों का ड्रॉ 12-13 दिसंबर को सेक्टर पीथ्री स्थित कम्युनिटी सेंटर में किया जाएगा।
यमुना प्राधिकरण ने यह योजना दो अप्रैल को लॉन्च की गई थी। योजना के तहत प्राधिकरण 4425 फ्लैट बना रहा है। पहले इस योजना के तहत सेक्टर-18 में फ्लैट बनने थे लेकिन वहां जमीन पर किसानों का स्टे होने के कारण अब इस योजना के फ्लैट सेक्टर-22डी में बनेंगे। प्राधिकरण से मिली जानकारी के अनुसार जो लोग सेक्टर-22डी में इस योजना के तहत फ्लैट नहीं चाहते और सेक्टर-18 के हिसाब से आवेदन कर चुके हैं, वे अपनी जमा राशि वापस लेने के लिए 30 नवंबर तक प्राधिकरण में आवेदन कर सकते हैं। ऐसे लोगों की जमा राशि वापस कर दी जाएगी और ड्रॉ में उनका नाम नहीं रखा जाएगा।

http://epaper.amarujala.com/svww_zoomart.php?Artname=20131123a_005105013&ileft=150&itop=450&zoomRatio=149&AN=20131123a_005105013



Duped homebuyers still paying EMIs

Comments Off on Duped homebuyers still paying EMIs   |  November 23, 2013

NOIDA: For the last two years, homebuyers have been fighting a legal battle with little hope of finding reprieve and recovering their hard-earned money. Even as more than 300 buyers — who invested in Shiv Kala Charms housing project in Greater Noida — wait to get justice, they continue to pay lakhs towards EMIs towards home loans.

Duped of money between Rs 10 lakh and Rs 55 lakh, many homebuyers are still paying their loans to “abide by the law”, but many others have halted their mortgage payments. Several others who have paid a lump sum to the developer fear a total loss of their investment. “Besides paying Rs 5 lakh to the builder, I have paid an EMI of Rs 11 lakh already to LIC Housing Finance (LICHF). I paid the last instalment in November,” said Prashant, a homebuyer. “I stay in a rented accommodation and was to move into my 1350 sq ft home in 2010. Today, saving my investment has become a distant dream. Moreover, the legal fight is costing me dearly and my family and I have to deal with extreme stress,” he lamented.

Another homebuyer, Vivek, has paid more than Rs 25 lakh towards EMI. “Every month I pay Rs 35,000. The fact that I may never be able to see my home is not lost on me but I continue to hope for reprieve,” Vivek said.

The buyers booked their flats in 2009 and were to get possession in 2010. Two years later, buyers are now questioning the diligence of finance institutions in sanctioning loans. Many allege that banks have colluded with the developer as they granted multiple loans to different buyers over the same properties. The fact that the developer’s lease was cancelled by Greater Noida Authority should have been in their notice, they said.

“We have proof that 48 flats are non-existent and exist only on paper. Fifteen flats have been financed twice by LICHF,” Prashant claimed.

“This incident is a warning to anyone buying property without required checks. Buyers need to be aware and conduct a thorough check on the developer whose project they plan to invest in,” said Ashok Lal, counsel for homebuyers.

http://timesofindia.indiatimes.com/city/noida/Duped-homebuyers-still-paying-EMIs/articleshow/26014144.cms



Yamuna e-way region to be a signal-free run

Comments Off on Yamuna e-way region to be a signal-free run   |  November 23, 2013

GREATER NOIDA: If plans of Yamuna Expressway Authority go as envisaged, the region will be the first traffic signal-free part of the Delhi-NCR. The Authority has designed roads and made the traffic management system in the exact manner stated in the Master Plan 2031 so that motorists do not have to press brakes and wait for traffic signals to turn green at every intersection and T-point.

Authority CEO PC Gupta said that before planning the Yamuna Expressway region, state government officials thoroughly studied plans of cities like Chandigarh and Greater Noida and its positive and negative implications.

“We concentrated on loopholes of these two cities so that the same mistakes would not be repeated in planning the Yamuna Expressway area,” Gupta said. “There would be separate roads for villages and planned sectors. Apart from that, the villages would be connected by peripheral roads, which in turn would lead to the main roads. Similarly, residential, commercial, institutional and industrial sectors would also be connected to the arterial roads,” Gupta added.

Real estate players are confident that this new feature will leave a positive impact on the market. “In an era when in several cities residents have to wait hours to cover a distance of a few kilometres, a traffic signal-free city is an innovative idea,” said Amit Gupta, managing director of Orris infrastructure and member of Assocham.

“This region already has world-class infrastructure. With the city being traffic free, it will become a model for other planned cities of the country,” said Anil Sharma, president CREDAI (NCR) and CMD Amrapali group.

“To avoid traffic signals, we have planned to develop roundabout at intersections and T-points. There would be a provision of two service lanes along the main road for local traffic,” Gupta said.

Before planning this region, officials thoroughly studied plans of cities like Chandigarh and Greater Noida and its positive and negative

http://timesofindia.indiatimes.com/city/noida/Yamuna-e-way-region-to-be-a-signal-free-run/articleshow/26015920.cms



अपने घर के लिए एक साल और इंतजार

Comments Off on अपने घर के लिए एक साल और इंतजार   |  November 5, 2013

वर्ष 2013 दिवाली तक फ्लैट पर पजेशन का वादा नहीं हुआ पूरा
अपने घर के लिए एक साल और इंतजार
• अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। 2009 में नोएडा एक्सटेंशन (ग्रेटर नोएडा वेस्ट) की शुरुआत हुई थी। उस समय फ्लैट की बुकिंग कराने वालों को 2013 की दिवाली तक पजेशन देने का भरोसा दिलाया गया था। यह दिवाली निकल गई, किसी भी खरीदार को पजेशन नहीं मिला। भूमि विवाद ने ग्रेनो वेस्ट केहजारों फ्लैट खरीदारों की इस उम्मीद पर पानी फेर दिया। अब उन्हें अपने खुद के घर में दिवाली मनाने के लिए एक साल का इंतजार करना पड़ेगा।
नोएडा एक्सटेशन में बन रहे प्रोजेक्ट करीब डेढ़ साल तक भूमि विवाद केचलते अटक गए थे। मुआवजा और आवासीय भूखंड की मांग कर रहे किसान हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे तक गए। युद्ध स्तर पर चल रहा निर्माण कार्य ठप पड़ गया। कोर्ट के आदेशानुसार प्राधिकरण और किसानों के बीच सहमति बनी और जमीन वापस लेने की मांग पर अड़े किसान बिल्डरों को जमीन देते हुए कार्य फिर से शुरू कराने पर सहमत हुए। 2012 मध्य से फिर नोएडा एक्सटेंशन में निर्माण कार्य ने रफ्तार पकड़ी। अभी वहां कंस्ट्रक्शन कार्य चल रहा है।
इस विवाद से नोएडा एक्सटेंशन के फ्लैट खरीदारों को तगड़ा झटका लगा। जहां 2013 की दिवाली वे अपने फ्लैट में मनाने की उम्मीद कर रहे थे, वहीं अब उन्हें एक साल और इंतजार करना पड़ेगा।
कुछ बिल्डर तो ऐसे हैं, जो वर्ष 2015 तक पजेशन देने की बात कह रहे हैं। खरीदारों को सिर्फ पजेशन के लिए लंबा इंतजार ही नहीं करना पड़ रहा, बल्कि कई और भी समझौते करने पड़े हैं। प्राधिकरण ने एफएआर को 2.75 से बढ़ाकर 3.5 कर दिया है। एफएआर बढ़ने के बाद अधिक फ्लैट बनाने के चक्कर में खरीदारों को पजेशन पाने के लिए और इंतजार करना पड़ेगा। साथ ही उनको मिलने वाली सुविधाएं कम हो जाएंगी।
खरीदार बोले
नोएडा एक्सटेंशन में किसान और प्राधिकरण के बीच जमीन को लेकर अगर विवाद न हुआ होता तो यह दिवाली हम लोग अपने घर में मना रहे होते। अब कम से कम अगली दिवाली तक इंतजार करना होगा। –
उमर सिबली, पंचशील ग्रीन
चार साल में फ्लैट मिल जाना आसान बात है, मगर विवाद ने इसे टेढ़ा बना दिया। अब अगली दिवाली तक फ्लैट पर पजेशन देने का भरोसा दिला रहे हैं। देखते हैं, क्या नतीजा निकलता है। –
स्वेता भारती,
आम्रपाली लेजर पार्क
दिवाली की खुशी दोगुनी हो जाती, अगर हमें अपने फ्लैट की चाबी मिल गई होती। अब तो सब कुछ बिल्डर पर है। एक साल में पजेशन देने का दावा कर रहे हैं।
-प्रीत भार्गव, गौड़ सिटी
क्या कहते हैं बिल्डर
अर्थ ग्रुप के संयुक्त प्रबंध निदेशक विकास गुप्ता का कहना है कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट में दो प्रोजेक्टों पर निर्माण कार्य चल रहा है। अगली दिवाली तक वे पजेशन देना शुरू कर देंगे। अजनारा ग्रुप के एमडी अशोक गुप्ता कहते हैं कि कोर्ट से मुद्दा सुलझने के बाद ही काम तेज कर दिया गया है। एक साल में वे पजेशन देने की स्थिति में आ जाएंगे। सुपरटेक और गौड़ संस भी एक साल में पजेशन देने की बात कह रहे हैं।
देना होगा अधिक स्टांप शुल्क
तिथि बढ़ने का एक और नुकसान खरीदारों को उठाना पड़ेगा। फ्लैट की रजिस्ट्री उस समय के सर्किल रेट पर होगी। हर साल जमीन की सरकारी कीमत बढ़ रही है। ऐसे में स्टांप शुल्क भी अधिक चुकाना पड़ेगा। बता दें कि तीन साल पहले एक्सटेंशन में फ्लैटों की बुकिंग 1600 रुपये प्रति वर्ग फुट से लेकर 2200 रुपये प्रति वर्ग फुट की गई। अब इनके रेट दोगुने हो चुके हैं। इस समय कीमत 3500 से 4200 रुपये प्रति वर्ग फुट तक पहुंच चुकी है।
क्रेडाई ने अपने सभी सदस्यों से बात की है। आधे बिल्डर अगली दिवाली तक पजेशन दे देंगे। जमीन विवाद से पहले जिन्होंने बुुकिंग करवा ली है उन सभी को 2015 तक पजेशन मिल जाएगा। इसलिए अधिकतर बिल्डर प्रीकास्ट तकनीक के इस्तेमाल से टावर बनवा रहे हैं। बीम और स्लैब आदि फैक्ट्री में ही बन जाता है। कंस्ट्रकशन साइट पर इनको जोड़कर बिल्डिंग खड़ी की जाती है। इससे करीब 40 फीसदी समय बचेगा।
– अनिल शर्मा,
सीएमडी
आम्रपाली ग्रुप और अध्यक्ष, क्रेडाई एनसीआर
बायर्स को फ्लैट दिलाने के लिए एसोसिएशन लगातार प्रयासरत है। सभी बिल्डरों के संपर्क में हैं। सभी बिल्डर एक से दो साल में पजेशन देने की बात कह रहे हैं। उम्मीद है कि कुछ बायर्स अगली दिवाली अपने घर पर बनाएंगे।
– अभिषेक कुमार, अध्यक्ष,
नेफोवा फ्लैट बायर, सुपरटेक ईको विलेज

http://epaper.amarujala.com/svww_zoomart.php?Artname=20131105a_004105004&ileft=226&itop=90&zoomRatio=130&AN=20131105a_004105004



Ground realty: Low interest in real estate

Comments Off on Ground realty: Low interest in real estate   |  October 30, 2013

When the Indian Grand Prix was launched at the Buddh International Circuit (BIC) near Greater Noida in 2011, there was a lot of buzz in the realty market in the region. Two years down the line, the initial sheen seems to be fading, at least for the time being. This, despite the fact that the region has seen an appreciation of up to 30% in prices even after a slowdown in the sector.

Anil Kumar Sharma, CMD, Amrapali Group, and president, the Confederation of Real Estate Developers Association of India, Delhi-NCR chapter (CREDAI NCR), says, “Although the future seems to be bright for Yamuna Expressway, given the global landmark of F1, for the past one year, the response has been a bit low and muted as compared to the initial years.”

Developers say the major reason behind the poor response is the slow pace of connectivity and urban infrastructure development being initiated by the government. Coupled with this, even the land acquisition process in the area is yet to pick up, at least till the time the UP government streamlines its policies.

Pankaj Bajaj, managing director of Eldeco Group, and RK Arora, CMD of Supertech, told fe that the properties around the F1 track are a long-term bet for investors and end users. “The movement in the next two-three years will lead to a better scenario, but as of now, it is becoming a second choice for users who are unable to invest in Noida or Greater Noida,” they say.

“F1 has certainly drawn attention to the infrastructure in Noida and Greater Noida. The realty market in the region has fast emerged as a luxury destination and will show growth in the coming days with the changing economic scenario,” says Harpreet Singh Batra, MD, Imperia Structures.

But will it remain as bright, given that the future of F1 racing in the country is in doubt? Manish Agarwal, MD, Satya Group, and secretary, CREDAI NCR, doesn’t think so. “I don’t think it will change the ground reality even if the Indian Grand Prix doesn’t remain a part of the next year’s racing calendar. F1 itself is a great anchor for developers as returns will not come from the event, but out of the real estate monetisation of the township. With connectivity to Agra, which is a major tourist spot, and travel time being reduced considerably, the Yamuna Expressway has already attracted the interest of major developers,” says Agarwal, adding, “Three universities are already operational there and others are being planned. These will also go a long way in realising the area’s potential.”

http://www.financialexpress.com/news/ground-realty-low-interest-in-real-estate/1187632/0



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