एनबीटी न्यूज ॥ गुड़गांव
निगम क्षेत्र में ग्रुप हाउसिंग सोसायटी बनाने के नगर निगम के प्रस्ताव पर प्रदेश सरकार ने पानी फेर दिया है। प्रदेश सरकार ने इस प्रस्ताव को यह कह कर लौटा दिया है कि सदन की बिना अनुमति के सरकार इस प्रस्ताव को पास नहीं कर सकती। इस प्रस्ताव को अमली जामा पहनाने के लिए निगम को सबसे पहले सदन से मंजूरी लेनी होगी। इसके बाद ही सरकार इस प्रस्ताव पर विचार कर सकती है। इस मामले में निगम के चीफ टाउन प्लैनर एस. सी. कुश का कहना है कि प्रदेश सरकार ने टाउन प्लानिंग (टीपी) स्कीम पर रेजुलेशन पास करने के संबंध में प्रदेश सरकार ने निगम से स्पष्टीकरण मांगा था, जिसका जवाब भेज दिया गया है।
निगम का जवाब
चीफ टाउन प्लैनर के अनुसार पिछले साल हुई सदन की पहली मीटिंग में भी इस प्रस्ताव को रखा गया। लेकिन इसे मंजूरी नहीं मिल सकी। इसके बाद से लगातार हर हाउस मीटिंग में इस प्रस्ताव को निगम प्रस्तुत करता रहा है। पिछले दिनों 25 अप्रैल को हुई मीटिंग में भी इस प्रस्ताव को रखा गया था, फिर भी इस पर सदन की मंजूरी नहीं मिल सकी। प्रदेश सरकार को भेजे स्पष्टीकरण में निगम ने कहा है कि 11 प्राइवेट कंपनियों के मालिकों ने इस टाउन प्लानिंग स्कीम का लाभ लेने के लिए आवेदन किया है। निगम का तर्क है कि इस स्कीम से निगम के राजकोष में करीब 50 करोड़ रुपये की आय होगी और निगम क्षेत्र का तेजी से विकास होगा। इस तर्क के बाद भी प्रदेश सरकार ने निगम के इस प्रस्ताव को वापस कर दिया है।
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